आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का नवम दिन माँ सिद्धिदात्री की उपासना और साधना कन्या पूजन और विसर्जन का महत्व

Ashadh Gupt Navratri 9th Day: Visarjan Vidhi, Kanya Bhoj Aur Bhent Guide

आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का नवम दिन माँ सिद्धिदात्री की उपासना और साधना की पूर्णता का प्रतीक है। गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक की गई गुप्त साधना, मंत्र जाप और घटस्थापना का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए नवमी तिथि पर सही विधि-विधान से कन्या पूजन (कन्या भोज) और कलश/ज्वारे विसर्जन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

विशेष ध्यान दें: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में कन्या पूजन और विसर्जन का महत्व सामान्य नवरात्रि की तरह ही फलदायी होता है। सही विधि से किया गया विसर्जन आपके जीवन से समस्त विघ्नों और नकारात्मक ऊर्जा का नाश करता है।

1. Ashadh Gupt Navratri Kanya Bhoj Vidhi (कन्या पूजन विधि)

नवमी के दिन 2 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को माँ दुर्गा का साक्षात स्वरूप मानकर पूजन किया जाता है। साथ ही एक छोटे बालक (भैरव बाबा के रूप में) को भी भोजन कराने का नियम है।

  • कन्याओं का आमंत्रण: एक दिन पूर्व या नवमी की सुबह कन्याओं को आदरपूर्वक घर पर आमंत्रित करें।
  • चरण प्रक्षालन: कन्याओं के घर आगमन पर उनके पैर स्वच्छ जल या दूध मिले जल से धोएं और साफ कपड़े से पोंछें।
  • तिलक व रोली: सभी कन्याओं के माथे पर कुमकुम, रोली और अक्षत का तिलक लगाएं तथा उनके हाथों में मौली (कलावा) बांधें।
  • भोजन परोसना: कन्याओं को स्वच्छ व पवित्र स्थान पर बिठाकर पूरी, चना, हलवा और खीर का सात्विक भोजन कराएं।

2. Kanya Pujan Gift Ideas (कन्याओं को दें ये शुभ भेंट)

भोजन कराने के पश्चात कन्याओं को उनकी रुचि व आवश्यकता अनुसार भेंट (उपहार) देकर प्रसन्न करना चाहिए। ज्योतिष व वास्तु शास्त्र के अनुसार निम्नलिखित उपहार देना अत्यंत शुभ माना गया है:

1. Red Clothes Or Chunri (लाल वस्त्र या चुनरी)

कन्याओं को लाल रंग का वस्त्र, चुनरी या रुमाल भेंट करना माँ दुर्गा को अति प्रिय है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

2. Fruits (ताजे फल)

कन्याओं को नारियल, केला, सेब या मौसमी फल भेंट में दें। फल का दान करने से शुभ कर्मों का फल अनंत गुना हो जाता है।

3. Stationary Items (शिक्षा सामग्री)

कॉपी, पेंसिल, पेन या ड्राइंग बुक जैसी पढ़ाई से जुड़ी चीजें देने से माँ सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है और बच्चों की बुद्धि का विकास होता है।

4. Sweets And Coins (मिठाई व दक्षिण)

भोजन के बाद सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा (रुपये) और मिठाई या गुड़ देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।

3. Gupt Navratri Ghat Sthapana & Jware Visarjan Vidhi (विसर्जन विधि)

कन्या पूजन और भोजन सम्पन्न होने के बाद ही घट (कलश) और ज्वारे का विसर्जन करना चाहिए।

  1. मंत्र उच्चारण व क्षमा याचना: पूजा स्थान पर बैठकर माँ दुर्गा से जाने-अनजाने में हुई भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करें।
  2. कलश हिलाना: पूजा के स्थान से कलश को थोड़ा सा खिसकाएं। यह इस बात का संकेत है कि पूजा पूर्ण हो चुकी है।
  3. पवित्र जल का छिड़काव: कलश के जल को पूरे घर में आम के पल्लव से छिड़कें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वास्तु दोष दूर होता है।
  4. ज्वारे का विसर्जन: उगाए गए ज्वारों में से कुछ ज्वारे अपने घर के लॉकर, तिजोरी या पूजा स्थान में रखें और बाकी ज्वारे को किसी पवित्र नदी, तालाब या बहते जल में प्रवाहित करें। यदि जल स्रोत न हो तो इसे किसी पीपल के पेड़ के नीचे रख दें या गमले में विसर्जित कर दें।

महत्वपूर्ण वास्तु टिप:

कलश के जल को भूलकर भी नाली या अशुद्ध स्थान पर न बहाएं। बचा हुआ जल पौधों (विशेषकर तुलसी या पीपल) में डाल दें।

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