श्री बगलामुखी पूजन एवं हवन
सम्पूर्ण विधि एवं मंत्र-पाठ
संकल्प • ध्यान • आवाहन • षोडशोपचार पूजन • मंत्र-जप • हवन • पूर्णाहुति
॥ श्री माँ बगलामुख्यै नमः ॥
माँ बगलामुखी की श्रद्धापूर्वक पूजा एवं हवन के लिए क्रमबद्ध सामान्य पूजन-पद्धति।
1. पूजन एवं हवन सामग्री
| पूजन सामग्री | हवन सामग्री |
|---|---|
| पीला वस्त्र, पीला आसन, माँ बगलामुखी का चित्र/विग्रह, कलश, नारियल, मौली, अक्षत, हल्दी, कुमकुम, चंदन, पीले पुष्प, धूप, दीप, घृत, नैवेद्य, फल, पंचामृत। | हवन कुण्ड, समिधा, शुद्ध घृत, सामान्य हवन सामग्री, पीले पुष्प/अक्षत तथा परंपरा अनुसार उपयुक्त सामग्री। |
2. प्रारम्भिक शुद्धिकरण
पवित्रीकरण
यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः ॥
ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः ॥
3. आचमन
ॐ नारायणाय स्वाहा ।
ॐ माधवाय स्वाहा ॥
इसके बाद हाथ धोकर पुनः आसन पर स्थिर बैठें।
4. प्राणायाम एवं मनःशुद्धि
ॐ तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि ।
धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
5. दीप प्रज्वलन
दीपो हरतु मे पापं दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ॥
6. श्री गणेश पूजन
इसके पश्चात गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप एवं नैवेद्य अर्पित करें।
7. गुरु एवं इष्टदेव स्मरण
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः ॥
8. संकल्प विधि
ममोपात्तसमस्तदुरितक्षयद्वारा श्रीपरमेश्वरप्रीत्यर्थं
श्रीबगलामुखीदेव्याः प्रीत्यर्थं
यथाशक्ति पूजनं करिष्ये ।
सर्वबाधाशान्तिपूर्वकं सर्वमङ्गलप्राप्त्यर्थं सद्बुद्धिविवेकवैराग्यप्राप्त्यर्थं
श्रीबगलामुखीदेवीपूजनं हवनं च करिष्ये ॥
9. कलश स्थापना एवं पूजन
मूले तत्र स्थितो ब्रह्मा मध्ये मातृगणाः स्मृताः ॥
कुक्षौ तु सागराः सर्वे सप्तद्वीपा वसुन्धरा ।
ऋग्वेदोऽथ यजुर्वेदः सामवेदो ह्यथर्वणः ॥
अङ्गैश्च सहिताः सर्वे कलशाम्बु समाश्रिताः ॥
कलश को प्रणाम करके अक्षत एवं पुष्प अर्पित करें।
10. श्री बगलामुखी देवी का ध्यान
सिंहासनोपरिगतां परिवीतवर्णाम् ।
पीताम्बराभरणमाल्यविभूषिताङ्गीं
देवीं नमामि धृतमुद्गरवैरिजिह्वाम् ॥ १॥
जिह्वाग्रमादाय करेण देवीं
वामेन शत्रून्परिपीडयन्तीम् ।
गदाभिघातेन च दक्षिणेन
पीताम्बराढ्यां द्विभुजां नमामि ॥ २॥
11. श्री बगलामुखी देवी का आवाहन
आवाहयामि स्थापयामि पूजयामि नमः ॥
पुष्प देवी के चरणों में अर्पित करें।
12. श्री बगलामुखी षोडशोपचार पूजन
① आसन
आसनं समर्पयामि ॥
② पाद्य
पाद्यं समर्पयामि ॥
③ अर्घ्य
अर्घ्यं समर्पयामि ॥
④ आचमन
आचमनीयं समर्पयामि ॥
⑤ स्नान
स्नानं समर्पयामि ॥
⑥ वस्त्र
वस्त्रं समर्पयामि ॥
⑦ गन्ध
गन्धं समर्पयामि ॥
⑧ अक्षत
अक्षतान् समर्पयामि ॥
⑨ पुष्प
पुष्पाणि समर्पयामि ॥
⑩ धूप
धूपमाघ्रापयामि ॥
⑪ दीप
दीपं दर्शयामि ॥
⑫ नैवेद्य
नैवेद्यं निवेदयामि ॥
⑬ आचमन
आचमनीयं समर्पयामि ॥
⑭ ताम्बूल
ताम्बूलं समर्पयामि ॥
⑮ दक्षिणा
दक्षिणां समर्पयामि ॥
⑯ नमस्कार
नमस्कारान् समर्पयामि ॥
13. श्री बगलामुखी मूल मंत्र-जप
सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्लीं ॐ स्वाहा ॥
जप-संख्या यजमान की पूजा-पद्धति एवं गुरु-परंपरा के अनुसार निर्धारित करें। सामान्य पूजा में अल्प जप रखा जा सकता है; विशेष अनुष्ठान में संख्या गुरु द्वारा निर्धारित की जानी चाहिए।
14. हवन की तैयारी
- हवन कुण्ड को स्वच्छ एवं सुरक्षित स्थान पर स्थापित करें।
- कुण्ड के चारों ओर पर्याप्त खुला स्थान रखें।
- समिधा व्यवस्थित करें।
- शुद्ध घृत एवं हवन सामग्री तैयार रखें।
- अग्नि को सुरक्षित रूप से प्रज्वलित करें।
15. अग्नि प्रज्वलन एवं अग्नि पूजन
ॐ सोमाय नमः ॥
ॐ अग्नीषोमाभ्यां नमः ॥
इसके बाद हवन की मुख्य प्रक्रिया प्रारम्भ करें।
16. श्री बगलामुखी हवन विधि
सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय
जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय
ह्लीं ॐ स्वाहा ॥
आहुति-संख्या संकल्प, पूजा-पद्धति तथा गुरु-परंपरा के अनुसार रखें। दीक्षा-विशिष्ट पुरश्चरण या विशेष हवन में निर्धारित संख्या का पालन करें।
17. मंगल एवं सर्वबाधा-शमन प्रार्थना
मुख्य हवन के पश्चात सात्त्विक मंगलकामना के लिए निम्न मंत्र से आहुति दी जा सकती है।
18. स्विष्टकृत् आहुति
यद्वा न्यूनमिहाकृतम् ।
अग्निष्टत्स्विष्टकृद्विद्वान्
सर्वं स्विष्टं सुहुतं करोतु ।
अग्नये स्विष्टकृते स्वाहा ॥
19. पूर्णाहुति
पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ॥
ॐ पूर्णाहुतिं समर्पयामि स्वाहा ॥
20. माँ बगलामुखी से प्रार्थना
सर्वेषां मङ्गलं कुरु ।
सर्वबाधाः प्रशमय ।
सद्बुद्धिं विवेकं शान्तिं च देहि ।
धर्ममार्गे नः प्रेरय ।
सर्वेषां कल्याणं भवतु ॥
21. आरती
जय जय अम्बे जगदम्बे,
माँ बगलामुखि नमो नमः ।
पीताम्बरा परमेश्वरि,
माँ बगलामुखि नमो नमः ॥
नोट: स्थानीय/कुल-परंपरा में प्रचलित माँ बगलामुखी की आरती का पाठ यहाँ जोड़ा जा सकता है।
22. क्षमा-प्रार्थना
पूजां चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वरि ॥
मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरि ।
यत्पूजितं मया देवि परिपूर्णं तदस्तु मे ॥
23. देवी विसर्जन / उद्वासन
यथास्थानं प्रतिष्ठापयामि ।
पूजां गृहाण देवेशि पुनरागमनाय च ॥
24. अंतिम प्रणाम
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
25. पंडित जी के लिए त्वरित पूजन क्रम
| क्रम | कार्य | मुख्य पाठ |
|---|---|---|
| 1 | शुद्धिकरण एवं आचमन | ॐ अपवित्रः पवित्रो वा... |
| 2 | दीप प्रज्वलन | ॐ दीपज्योतिः परं ब्रह्म... |
| 3 | गणेश पूजन | ॐ गं गणपतये नमः |
| 4 | गुरु स्मरण | गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः... |
| 5 | संकल्प | ममोपात्तसमस्तदुरितक्षयद्वारा... |
| 6 | कलश पूजन | ॐ कलशस्य मुखे विष्णुः... |
| 7 | देवी ध्यान | मध्ये सुधाब्धिमणिमण्डप... |
| 8 | आवाहन | ॐ ह्लीं श्रीबगलामुख्यै नमः |
| 9 | षोडशोपचार पूजन | आसन से नमस्कार तक |
| 10 | मंत्र-जप | श्री बगलामुखी मूल मंत्र |
| 11 | अग्नि स्थापना | ॐ अग्नये नमः |
| 12 | मुख्य हवन | मूल मंत्र + स्वाहा |
| 13 | स्विष्टकृत् | अग्नये स्विष्टकृते स्वाहा |
| 14 | पूर्णाहुति | ॐ पूर्णाहुतिं समर्पयामि स्वाहा |
| 15 | आरती एवं क्षमा | क्षमा-प्रार्थना |
| 16 | उद्वासन एवं शांति | ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः |
26. सामान्य प्रश्न
क्या इस विधि से घर पर बगलामुखी हवन किया जा सकता है?
यह पृष्ठ सामान्य सात्त्विक पूजन एवं हवन के क्रम के लिए है। विशिष्ट तांत्रिक अनुष्ठान के लिए गुरु-परंपरा का निर्देश आवश्यक है।
क्या मूल मंत्र की जप-संख्या निश्चित है?
सामान्य पूजा और दीक्षा-विशिष्ट साधना की जप-संख्या अलग हो सकती है। विशेष पुरश्चरण या अनुष्ठान की संख्या गुरु अथवा संबंधित पूजा-पद्धति के अनुसार निर्धारित करें।
हवन में किस मंत्र पर आहुति देनी है?
मुख्य हवन में स्वीकृत बगलामुखी मंत्र के अंत में “स्वाहा” के उच्चारण पर आहुति दी जाती है।
क्या तांत्रिक न्यास इस पेज में दिया गया है?
नहीं। दीक्षा-विशिष्ट न्यास एवं अन्य गूढ़ तांत्रिक प्रक्रियाएँ सामान्य सार्वजनिक पूजन-विधि से अलग रखी गई हैं।
माँ बगलामुखी सभी के जीवन में धर्म, विवेक, शांति, साहस एवं मंगल प्रदान करें।
॥ जय माँ बगलामुखी ॥
