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साप्ताहिक राशिफल एवं विशेष वास्तु विमर्श
आने वाले सप्ताह की ग्रह स्थिति, ज्योतिषीय गणना, अचूक वास्तु उपाय और आध्यात्मिक समाधान
आज का दिव्य सुविचार
"कर्म भूमि पर फल के लिए श्रम तो सभी को करना पड़ता है, ईश्वर सिर्फ लकीरें देता है, उनमें रंग तो हमें खुद ही भरना पड़ता है। ग्रहों की चाल हमारे मार्ग को सुगम बना सकती है, लेकिन श्रेष्ठ कर्म ही हमारे भाग्य का अंतिम विधाता है।"
धीरज वशिष्ठ
मुख्य संचालक एवं ज्योतिषाचार्य
ज्योतिष केंद्र संचालक परिचय
रामेश्वरम ज्योतिष केंद्र एवं डूंगरी बालाजी ज्योतिष केंद्र के मुख्य ओनर और प्रतिष्ठित विशेषज्ञ आचार्य धीरज वशिष्ठ (Dheeraj Vashishth) के कुशल मार्गदर्शन में आपकी कुंडली, गृह वास्तु और नवग्रह जनित दोषों का प्रामाणिक व शास्त्रोक्त विधि से निराकरण किया जाता है। सनातन विज्ञान के सिद्धांतों के माध्यम से हम आपके जीवन पथ को सुगम बनाने के लिए पूर्णतः समर्पित हैं।
📍 हमारा मुख्य परामर्श केंद्र पता:
हाउसिंग बोर्ड, झुंझुनूं (Jhunjhunu Housing Board), राजस्थान
साप्ताहिक राशिफल (आगामी सप्ताह)
गोचर के नवग्रहों की स्थिति और चंद्र राशि पर आधारित सटीक भविष्यवाणियां
करियर व व्यवसाय: इस सप्ताह सूर्य का गोचर आपके साहस में वृद्धि करेगा। व्यापार में लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलने के प्रबल योग हैं। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर उच्चाधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। नई साझेदारी के लिए समय उत्तम है।
स्वास्थ्य व संबंध: पारिवारिक मोर्चे पर शांति रहेगी। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। सप्ताह के मध्य में अधिक भागदौड़ के कारण शारीरिक थकान और आंखों में थोड़ी परेशानी हो सकती है, योग को दिनचर्या में शामिल करें।
विशेष उपाय: मंगलवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।
करियर व व्यवसाय: आर्थिक दृष्टि से यह सप्ताह बेहद संभलकर चलने का है। शुक्र की स्थिति विलासिता पर खर्च बढ़ाएगी, जिससे आपका मासिक बजट बिगड़ सकता है। निवेश के मामलों में किसी अनुभवी की सलाह अवश्य लें। कार्यक्षेत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें।
स्वास्थ्य व संबंध: वाणी पर नियंत्रण रखना आवश्यक है, अन्यथा प्रियजनों के साथ अकारण विवाद हो सकता है। खान-पान में लापरवाही के कारण पेट से संबंधित विकार या गैस की समस्या परेशान कर सकती है।
विशेष उपाय: शुक्रवार के दिन सफेद गाय को मीठी रोटी या चारा खिलाएं और श्री सूक्त का पाठ करें.
करियर व व्यवसाय: आपके लिए यह सप्ताह उन्नति के नए द्वार खोलने वाला है। बुद्ध देव की कृपा से आपकी तार्किक क्षमता और संवाद शैली में अभूतपूर्व सुधार होगा। मीडिया, मार्केटिंग और शिक्षा से जुड़े जातकों को बड़ा लाभ मिल सकता है। विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं।
स्वास्थ्य व संबंध: मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा और घर में किसी मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। स्वास्थ्य सामान्य तौर पर अच्छा रहेगा, लेकिन मानसिक तनाव को खुद पर हावी न होने दें।
विशेष उपाय: बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें और हरी मूंग की दाल का दान करें।
करियर व व्यवसाय: चंद्रमा की बदलती चाल के कारण सप्ताह के शुरुआती दो दिन थोड़े उतार-चढ़ाव वाले हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव अधिक रहेगा, लेकिन गुरुवार के बाद स्थितियां पूरी तरह आपके नियंत्रण में आ जाएंगी। संपत्ति या वाहन खरीदने के योग हैं।
स्वास्थ्य व संबंध: माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। भावुकता में आकर कोई भी पारिवारिक निर्णय न लें। मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी-खांसी से खुद का बचाव करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
विशेष उपाय: सोमवार के दिन शिवलिंग पर कच्चे दूध में काले तिल मिलाकर अभिषेक करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
करियर व व्यवसाय: सिंह राशि के जातकों के लिए आत्मसम्मान और पराक्रम में वृद्धि का समय है। यदि आपका कोई सरकारी काम रुका हुआ था, तो इस सप्ताह प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से वह गति पकड़ेगा। व्यापार में नए ग्राहक जुड़ेंगे जिससे मुनाफा बढ़ेगा।
स्वास्थ्य व संबंध: पिता के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से हड्डियों में दर्द या माइग्रेन की समस्या उभर सकती है, धूप में ज्यादा देर रहने से बचें।
विशेष उपाय: प्रतिदिन सुबह तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
करियर व व्यवसाय: इस सप्ताह आपको अपनी कड़ी मेहनत का उचित फल प्राप्त होगा। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छे ऑफर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता बढ़ेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
स्वास्थ्य व संबंध: संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है जिससे घर में उत्सव का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, विशेषकर त्वचा से जुड़ी कोई एलर्जी इस सप्ताह आपको परेशान कर सकती है।
विशेष उपाय: बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाकर आशीर्वाद लें या किन्नरों को कुछ दान दें।
करियर व व्यवसाय: इस सप्ताह आपको मिले-जुले परिणाम मिलेंगे। साझेदारी के व्यवसाय में पारदर्शिता रखें, अन्यथा आपसी मनमुटाव हो सकता है। आर्थिक लेनदेन करते समय लिखित दस्तावेज जरूर तैयार रखें। कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है।
स्वास्थ्य व संबंध: प्रेम संबंधों के लिए समय अनुकूल है, आपसी विश्वास गहरा होगा। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। खान-पान में संतुलन बनाए रखें, बाहर के तले-भुने भोजन से परहेज करें।
विशेष उपाय: शुक्रवार को महालक्ष्मी मंदिर में कपूर जलाएं और सफेद मिठाई का अर्पण करें।
करियर व व्यवसाय: मंगल का प्रभाव आपको ऊर्जावान बनाए रखेगा। आप जोखिम भरे कार्यों में भी हाथ डालने से नहीं कतराएंगे और उसमें सफल भी होंगे। भूमि-भवन से जुड़े कारोबारियों को बड़ा अप्रत्याशित लाभ होने की संभावना दिखाई दे रही है।
स्वास्थ्य व संबंध: छोटे भाई-बहनों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है, क्रोध पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, लेकिन वाहन चलाते समय अत्यधिक गति से बचना अनिवार्य है।
विशेष उपाय: हनुमान चालीसा का तीन बार पाठ करें और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें।
करियर व व्यवसाय: देवगुरु बृहस्पति की शुभ दृष्टि के कारण आध्यात्मिक और बौद्धिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। धार्मिक गुरुओं या गुरुतुल्य व्यक्तियों का मार्गदर्शन करियर में मील का पत्थर साबित होगा। लंबी अवधि के निवेश से आने वाले समय में बड़ा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य व संबंध: परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जाने का मन बनेगा। बड़ों का आशीर्वाद आपके साथ रहेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से लिवर या मोटापे से संबंधित समस्याओं के प्रति सचेत रहें।
विशेष उपाय: गुरुवार के दिन माथे पर केसर का तिलक लगाएं और केले के वृक्ष का पूजन कर घी का दीपक जलाएं।
करियर व व्यवसाय: शनि देव की साढ़ेसाती के प्रभाव वश कार्यों में थोड़ी धीमी गति का अनुभव हो सकता है, लेकिन हताश न हों। निरंतर प्रयास करते रहें, सप्ताह के अंत तक मेहनत रंग लाएगी। लोहे, तेल या माइनिंग से जुड़े व्यापारियों के लिए समय प्रगतिशील रहेगा।
स्वास्थ्य व संबंध: पुराने मित्रों से अचानक मुलाकात पुरानी यादें ताजा करेगी। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग आपके मानसिक बोझ को कम करेगा। जोड़ों के दर्द या वात रोग से ग्रसित लोग अपना विशेष ध्यान रखें।
विशेष उपाय: शनिवार की शाम पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं और शनि चालीसा पढ़ें।
करियर व व्यवसाय: आपकी राशि के स्वामी की स्थिति इस सप्ताह आपको नए शोध या तकनीकी कार्यों में सफलता दिलाएगी। कार्यस्थल पर आपकी कार्यप्रणाली की प्रशंसा होगी। किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको सौंपी जा सकती, जिससे पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।
स्वास्थ्य व संबंध: सामाजिक दायरे में आपका कद बढ़ेगा। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा। अधिक सोचने की आदत के कारण अनिद्रा या सिरदर्द की समस्या हो सकती है, इसलिए रात को समय पर सोने का प्रयास करें।
विशेष उपाय: शनिवार को महामृत्युंजय मंत्र का यथासंभव जप करें और किसी जरूरतमंद को काले छाते या जूतों का दान करें।
करियर व व्यवसाय: यह सप्ताह आपके लिए अत्यधिक खर्चीला साबित हो सकता है। अचानक कुछ अनचाहे खर्चे सामने आ सकते हैं। हालांकि, नौकरीपेशा जातकों को सुदूर क्षेत्रों या विदेशी स्रोतों से धन लाभ होने की अच्छी संभावना है। किसी भी दस्तावेज पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें।
स्वास्थ्य व संबंध: परिजनों के साथ किसी बात पर वैचारिक मतभेद हो सकता है। ठंडे दिमाग से काम लें। बदलते मौसम के कारण पैरों में सूजन, दर्द या कफ जनित विकारों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
विशेष उपाय: गुरुवार के दिन चने की दाल और गुड़ का मंदिर में दान करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ सुनें या करें।
आकर्षक एवं अचूक वास्तु टिप्स
सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह के लिए घर में आज ही करें ये सरल बदलाव
1. मुख्य द्वार (Main Entrance) की पवित्रता और समृद्धि
घर का मुख्य द्वार केवल सदस्यों के आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा और मां लक्ष्मी के प्रवेश का मुख्य बिंदु है। हमेशा ध्यान रखें कि मुख्य द्वार के सामने कोई बड़ा वृक्ष, खंभा या सीढ़ियां न हों (जिसे वास्तु में 'द्वार वेध' कहा जाता है)। मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या ओम का मांगलिक चिह्न लगाएं। प्रतिदिन सुबह मुख्य द्वार को साफ पानी से धोएं और शाम के समय वहां एक दीपक अवश्य जलाएं, इससे नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं।
2. रसोई घर (Kitchen) - अग्नि और जल का संतुलन
रसोई घर साक्षात मां अन्नपूर्णा का स्थान है। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई हमेशा आग्नेय कोण (South-East) में होनी चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो तो उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा दूसरा सबसे अच्छा विकल्प है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रसोई के अंदर चूल्हा (अग्नि तत्व) और सिंक/पानी का नल (जल तत्व) कभी भी एक सीध में या बिल्कुल पास-पास नहीं होने चाहिए। अग्नि और जल का यह विरोध घर के सदस्यों के बीच कलह और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है।
3. धन स्थान और तिजोरी की सही दिशा
अपनी कीमती वस्तुएं, आभूषण और धन रखने वाली अलमारी या तिजोरी को हमेशा घर के दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में इस प्रकार रखें कि उसका मुख खुलते समय उत्तर (North) दिशा की ओर हो। उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। तिजोरी के अंदर एक छोटा सा दर्पण इस तरह लगाएं कि तिजोरी खुलते ही धन का प्रतिबिंब उस दर्पण में दिखे, वास्तु में माना जाता है कि इससे धन की आवक दोगुनी होती है।
4. बेडरूम (Master Bedroom) में मधुर संबंधों के सूत्र
घर के मुखिया का शयनकक्ष हमेशा दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) में होना चाहिए। सोते समय आपका सिर हमेशा दक्षिण (South) दिशा की ओर और पैर उत्तर (North) दिशा की ओर होने चाहिए, जिससे पृथ्वी के चुंबकीय प्रवाह के अनुसार गहरी और तनावमुक्त नींद आती है। बेडरूम में कभी भी हिंसक पशुओं, डूबते जहाज या रोते हुए बच्चों की तस्वीरें न लगाएं। दाम्पत्य जीवन में मधुरता के लिए राधा-कृष्ण या हंसों के जोड़े की सुंदर तस्वीर लगाएं।
5. ईशान कोण (North-East) और पूजा घर का नियम
घर का उत्तर-पूर्वी कोना 'ईशान कोण' कहलाता है, जिसे देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा को हमेशा बिल्कुल साफ, खाली और हल्का रखें। यहां भूलकर भी भारी सामान, सीढ़ियां, सेप्टिक टैंक या शौचालय का निर्माण न करवाएं, ऐसा होने पर गंभीर आर्थिक तंगी और वंश वृद्धि में रुकावट आती है। पूजा घर हमेशा इसी कोने में स्थापित करें और पूजा करते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व की ओर रखें।
वैदिक कर्मकांड एवं प्रामाणिक पूजा-पाठ सेवाएं
शास्त्रोक्त विधि-विधान, शुद्ध उच्चारण और योग्य विद्वान ब्राह्मणों के माध्यम से हम आपके घर, प्रतिष्ठान या हमारे पवित्र केंद्रों पर सभी प्रकार के मांगलिक एवं दोष निवारण पूजन संपन्न करवाते हैं।
कालसर्प दोष निवारण
कुंडली के भयंकर राहु-केतु जनित कालसर्प योग का विशेष शांति विधान।
महालक्ष्मी एवं कुबेर पूजन
व्यापार वृद्धि, धन समृद्धि और दरिद्रता नाश के लिए विशेष अनुष्ठान।
नवग्रह शांति अनुष्ठान
अशुभ ग्रहों के दुष्प्रभावों को शांत कर जीवन में अनुकूलता लाने हेतु महापूजन।
रुद्राभिषेक व महामृत्युंजय
असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु और भगवान शिव की असीम अनुकंपा हेतु।
गृह प्रवेश व वास्तु शांति
नए घर में प्रवेश से पूर्व वहां के समस्त वास्तु दोषों के शमन के लिए वैदिक यज्ञ।
सुंदरकांड व रामायण पाठ
पारिवारिक सुख-शांति, समृद्धि और सभी संकटों के शमन हेतु वैदिक एवं संगीतमय पाठ।
